3d printing in Hindi

3 डी प्रिंटिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक डिजिटल फ़ाइल से एक त्रि-आयामी (तीन डाईमेंशन) वाली ठोस वस्तु बनाई जाती है। सीधे शब्दों में कहा जाए तो, “3डी प्रिंटिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें फ़ाइल को तीन आयामों (3D) के साथ एक डिजिटल ठोस वस्तु बनाई जाती है”। 

एक 3डी प्रिंटर प्लास्टिक के खिलौने, धातु मशीन के पुर्जे, पत्थर के फूलदान, फैंसी चॉकलेट केक और यहां तक कि मानव शरीर के अंगों तक बहुत कुछ बना सकता है। 3डी प्रिंटिंग में अत्यंत कठिन आकार वाली वस्तुओं को भी बनाया जा सकता है, जो आजकल की पारंपरिक निर्माण पद्धति से करना बहुत कठिन है।

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3D Printer कैसे काम करता है?

3डी प्रिंटर डिजिटल फाइलों से ऑब्जेक्ट बनाने की एक प्रक्रिया है। ऑब्जेक्ट बनाने के लिए प्रिंटर विभिन्न प्रकार की सामग्रियों का उपयोग करते हैं। पहला कदम किसी वस्तु का मॉडल या फ़ाइल बनाना है। मॉडल 3डी प्रिंटिंग सॉफ्टवेयर प्रोग्राम सहित किसी भी प्रारूप में हो सकता है।

3डी प्रिंटिंग प्रक्रिया पूरे डिजाइन ऑब्जेक्ट को हजारों छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ देती है, फिर इसे नीचे से ऊपर की ओर, एक-एक करके बनाती है। इसके बाद ये छोटी-छोटी परतें आपस में चिपक कर एक ठोस वस्तु का रूप ले लेती हैं। प्रत्येक परत बहुत जटिल है, इसका मतलब है कि 3डी प्रिंटर चलने वाले हिस्से भी बना सकता है, जो एक ही वस्तु के हिस्से हैं। आप इस तरह पूरी बाइक प्रिंट कर सकते हैं, जैसे- हैंडलबार, सैडल, फ्रेम, पहिए, ब्रेक, पैडल और

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3डी प्रिंटिंग कैसे काम करती है

  • 3D Printer या 3D Printing निम्नलिखित तरीके से काम करता है:
  • 3D Printer की कार्य प्रक्रिया 3D मॉडलिंग से शुरू होती है, किसी भी वस्तु को 3D में प्रिंट करने के लिए हमें सबसे पहले कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर के माध्यम से उस वस्तु की 3D डिजिटल फाइल बनानी पड़ती है।
  • इसके बाद उस वस्तु (Object) की Slicing होती है। Slicing का अर्थ होता है टुकड़े करना, सरल शब्दों में इस चरण में Object को कई परतों (layers) में divide किया जाता है।
  • इसके बाद Sliced हुई फाइल को प्रिंटर में फीड किया जाता है। प्रिंटर में फाइल फीड करने के लिए हम यूएसबी, एसडी या वाई-फाई का उपयोग कर सकते हैं।
  • इसके बाद प्रिंटर उस object को परत दर परत प्रिंट करना शुरू कर देता है। पहले ऑब्जेक्ट की निचली परत को प्रिंट किया जाता है और इसी तरह एक परत के ऊपर दूसरी परत को प्रिंट करके वस्तु का 3डी प्रिंट बनाया जाता है।

3डी प्रिंटिंग के क्या फायदे हैं? (What are the Advantages of 3D printing?)

  • यह आपको एक सस्ती और सुंदर वस्तु बना कर दे सकती है, वह भी एक कठिन आकार की, जो कोई अन्य मशीन नहीं दे सकती।
  • 3डी प्रिंटिंग पारंपरिक तरीकों की तुलना में काफी सस्ता है, जो आपके प्रारंभिक निवेश और दीर्घकालिक रखरखाव लागत दोनों पर पैसा बचा सकता है। साथ ही, आपको कभी भी स्टॉक खत्म होने या उत्पादन में देरी का सामना करने की चिंता नहीं करनी होगी।
  • 3डी प्रिंटिंग के लिए किसी विशेष टूलिंग की आवश्यकता नहीं होती है, इसलिए कोई स्टार्टअप लागत नहीं है। 3डी प्रिंटेड पार्ट की कीमत केवल मटेरियल (material) की लागत और इसे प्रिंट करने में लगने वाले समय पर निर्भर करती है।
  • इसमें अपनी मनपसंद आवश्यकता के अनुसार आसानी से वस्तु बनाई जा सकती है।
  • 3डी प्रिंटर बहुत तेज है, जो काम दूसरी मशीनें 8 से 10 महीने में करती हैं, वही काम यह 8 से 10 हफ्ते में कर सकता है।
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3डी प्रिंटिंग के क्या नुकसान हैं? (What are the Disadvantages of 3D printing?)

3डी प्रिंटिंग एक बेहतरीन तकनीक है लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं जो इस प्रकार हैं:-

  • इससे बने उत्पाद कमजोर होते हैं, जो आसानी से टूट सकते हैं।
  • यह ज्यादा उपयोगी नहीं है क्योंकि आमतौर पर हम प्रिंटिंग का इतना अधिक उपयोग नहीं करते हैं
  • यह बहुत धीरे काम करता है। इसकी तुलना में Subtractive Manufacturing के जरिए काम तेजी से किया जा सकता है।

3डी प्रिंटिंग की सीमाएं

3डी प्रिंटिंग के जितने फायदे हैं, उसी तरह इसकी कुछ सीमाएँ भी हैं। जो इस प्रकार हैं:-

  • 3 डी प्रिंटेड parts के फिज़िकल गुण इतने अच्छे नहीं हैं क्योंकि उन्हें परत दर परत बनाया जाता है, इसलिए वे दूसरों की तुलना में कमजोर होते हैं।
  • बड़े पैमाने पर 3डी प्रिंटिंग की तुलना पारंपरिक मशीनों से नहीं की जा सकती।
  • जब perfect part बनाने की बात आती है तो इसमें 3डी मशीन कारगर नहीं होती। इसमें बने parts की एक्यूरेसी ठीक नहीं होती है।

इसे printing क्यों कहते हैं?

जब हम इस मशीन से कुछ बनाने के बारे में बात करते हैं तो मन में एक सवाल आता है कि इसे प्रिंटिंग क्यों कहते हैं? आइए जानते हैं।

यदि आप अपने घर के प्रिंटर से कागज पर print हुए किसी text को बारीकी से (माइक्रोस्कोप के साथ) देखते हैं, तो आप देखेंगे कि कागज पर शब्द सिर्फ धब्बा नहीं करते हैं, वे वास्तव में कागज की सतह से थोड़ा ऊपर बैठे हुए से दिखाई देते हैं।

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निष्कर्ष

दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको 3D Printer क्या है (3d Printing in Hindi) के बारे में यह जानकारी पसंद आई होगी। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगे तो इसे सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें।

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