Kajri teej full details in Hindi

Kajri teej full details in Hindi

Kajri teej full details in Hindi – आप इस बात को तो उसे जानते होंगे कि हमारा भारत त्योहारों का देश है और हमारे भारत में कई अलग-अलग तरह के त्यौहार मनाए जाते हैं। हमारे भारत में कई सारे त्यौहार मनाए जाते हैं जो कि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रूप में मनाए जाते हैं। इसी त्योहारों में से एक त्यौहार का नाम कजरी तीज भी है। यह तीज का त्यौहार लगभग पूरे भारत में मनाया जाता है।

अगर आप भारतीय है तो यह जरुर जानते होंगे कि यह तीज का त्योहार कब और क्यों मनाया जाता है लेकिन अगर आप इसके बारे में जानकारी इकट्ठा नहीं कर पाए हैं या फिर इसके बारे में नहीं जानते हैं तो घबराइए मत क्योंकि आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको Kajri teej full details in Hindi के बारे में जानकारी प्राप्त कराएंगे की कजरी तीज क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है और इसका महत्व क्या है। तो अगर आप इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस वक्त बिल्कुल सही जगह पर है। 

Teej
Kajri teej full details in Hindi

आप हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ते रहे आपको कजरी तीज के बारे में पूरी जानकारी अच्छे से प्राप्त हो जाएगी और आपको पता चल जाएगा कि यह त्यौहार कैसा त्यौहार है और इस त्यौहार का महत्व क्या है। 

कजरी तीज क्यों मनाया जाता है

हम आज इस आर्टिकल के माध्यम से Kajri teej full details in Hindi के बारे में जानकारी प्राप्त करने वाले हैं। ऐसे में हमारे मन में सबसे पहला प्रस्ताव उठना चाहिए कि कजरी तीज क्यों मनाया जाता है। वैसे तो कजरी तीज के मनाने के पीछे कई कारण और कई कहानियां है लेकिन हम आज आपको नीचे एक महत्वपूर्ण कहानी के बारे में बता रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि इसी कहानी की वजह से या फिर इसी घटना के कारण कजरी तीज को मनाया जाता है। 

कजरी एक घने जंगल का नाम है जोकी मध्य भारत में स्थित है। कजली जंगल के आसपास के इलाकों के राजा उस वक्त दादूरई थे। वहा की शासन व्यवस्था एकदम बढ़िया थी और वहां के राजा से वहां के सभी लोग काफी खुश रहा करते थे। वहां के लोग अपने जंगल कजली के नाम पर गाना गाया करते थे ताकि उनके जंगल कजली का नाम दूर-दूर के लोगों द्वारा सुना जा सके और उनका जंगल प्रसिद्ध हो सके। 

सब कुछ ठीक चल रहा था तभी अचानक राजा दादूरई की मृत्यु हो गई और उनकी पत्नी नागमती ने अपने आपको सती प्रथा के हवाले कर दिया। अपने रानी की दुख में और अपने रानी नागमती को सम्मानित करने के लिए वहां के लोग राग कजली मनाना शुरू करने लगे। 

इसके अलावा एक और कहानी भी है जहां देवी पार्वती अपने पति भगवान शिव के लिए यह त्योहार करती है ताकि उनके पति शिव की उम्र बढे। हम आपको बता दें कि देवी पार्वती शिव से शादी करना चाहती थी लेकिन शिव का सर्त यह था कि अगर देवी पार्वती को उनसे शादी करनी है तो पहले उनकी भक्ति को दर्शाना होगा। देवी पार्वती अपने भक्ति को दर्शाने के लिए 108 वर्षों तक लगातार शिव की पूजा करती रही।

अंततः देवी पार्वती के भक्ति से भगवान शिव प्रसन्न हुए और भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष के दौरान इन दोनों की शादी हुई इसीलिए इस दिन को तीज के रूप में मनाया जाता है और इस दिन महिलाएं अपने पति के लिए तीज भूखती है। इसके अलावा इस दिन को देवी पार्वती और शिव की पूजा करने के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन बताया गया है। 

Also Read – Facebook VIP Account Details

कजरी तीज कैसे मनाया जाता है – Kajri Teej full details in Hindi

कजरी तीज का यह त्यौहार महिलाएं और कुंवारी लड़कियां दोनों करती है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और कामना के लिए यह तीज का त्यौहार मनाती हैं और पूरे दिन भूखी रहती है। तीज के दिन किसी भी महिला द्वारा पूरे दिन में ना तो खाना खाया जाता है और ना ही पानी पिया जाता है ऐसा रीति रिवाज शुरू से ही चलता रहा है। वहीं अगर कुंवारी लड़कियां इस तीज को करना चाहे तो अपने होने वाले पति की लंबी उम्र और कामना के लिए तीज का त्योहार कर सकती हैं।

ऐसा माना जाता है कि विवाहित महिलाओं के लिए तीज का त्योहार करना जरूरी है जबकि कुंवारी महिलाओं के मन के ऊपर है। अगर कुंवारी महिलाएं चाहे तो तीज का त्योहार करें और अगर नहीं भी करेंगी तो कोई बात नहीं है लेकिन विवाहित महिलाओं को अपने पति के कामना और लंबी उम्र के लिए यह तीज का त्यौहार करना जरूरी रहता है। 

इस दिन गाय की भी पूजा की जाती है और इस दिन सारी महिलाएं सज धज कर रात को अपने पति का आशीर्वाद लेकर और उन्हीं के हाथ से पानी पीती है। सबसे पहली बार देवी पार्वती ने तीज का यह त्यौहार मनाया था और वही सबसे पहले भगवान शिव के लिए इस पर्व को करती आई थी जिसके वजह से शिव प्रसन्न हुए थे और उनसे शादी किए थे। 

कजरी तीज का क्या महत्व है Kajri teej full details in Hindi

कजरी तीज का महत्व हमारे समाज में बहुत ही ज्यादा है और यह तीज काफी महिलाओं के द्वारा मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो महिलाएं अपने पति के लिए तीज का व्रत नहीं करती है उन महिलाओं के पति की उम्र लंबी नहीं हो पाती है और उनके पति के साथ घटना हो सकते हैं।

इसलिए महिलाएं कजरी तीज भूखती हैं कि अगर उनके पति पर कोई खतरा भी मंडरा रहा है तो वह भी टल जाए। ऐसा इतिहास में कहा गया है कि माता पार्वती को 108 जन्म लेने के बाद शिव से शादी करने में सफलता मिली थी। इसी दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की शादी हुई थी इसलिए इस दिन को ही कजरी तीज का त्यौहार मनाया जाता है। 

Also Read – Janiye Nag Panchami ke bare me

निष्कर्ष 

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको Kajri teej full details in Hindi के बारे में पूरी जानकारी दे दी है। उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा और इसमें दी गई सारी जानकारी अच्छे से समझ में आ गई होगी। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो आप इसे अपने मित्रों के साथ साथ अपने सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *