Kartavya Path

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नमस्कार दोस्तों, एक और बेहतरीन पोस्ट में आपका स्वागत है। आज की पोस्ट में हम कर्तव्य पथ के बारे में हिंदी में बात करेंगे। जैसा कि आप लोग जानते हैं कि 8 सितंबर 2022 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य पथ पर सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण किया था. आपको बता दें कि पहले कर्तव्य पथ का नाम राजपथ था और आज की तारीख में राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है।

ऐसे में अगर आप एक छात्र हैं तो यह लेख आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि अगर आप किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो लेख आपके लिए जानकारीपूर्ण होगा, इसलिए हम आपसे इस लेख को अंत तक पढ़ने का अनुरोध करते हैं।

इस पोस्ट के माध्यम से हमने बताया है कि कर्तव्य पथ क्या है, कर्तव्य पथ का पुराना नाम क्या था, कर्तव्य पथ का इतिहास क्या है और इसका नाम कब बदला गया? आदि के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया है। हमने इस पोस्ट को आसान भाषा में लिखने की कोशिश की है ताकि आप सब कुछ आसानी से समझ सकें।

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2 साल के इंतजार के बाद आम लोगों के लिए खुला इंडिया गेट

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के काम के चलते दिल्ली का इंडिया गेट और राजपथ (कर्तव्य पथ) 2 साल के लिए आम जनता के लिए बंद कर दिया गया था. अब प्रधानमंत्री मोदी ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया है। लोग न केवल इंडिया गेट के दर्शन कर सकेंगे बल्कि इसके आसपास की सुंदरता को भी देख सकेंगे। यहां लोगों को हर राज्य के खाने के स्टॉल भी देखने को मिलेंगे.

Kartavya Path के बारे में

जैसा कि आप सब जानते हैं। दिल्ली के प्रसिद्ध राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है। धीरे-धीरे आप भी इस नए नाम को बोलचाल की भाषा में शामिल करना शुरू कर देंगे। राजपथ के नए नामकरण पर विपक्षी दलों की ओर से कोई विरोध नहीं हुआ।

हालांकि टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने इसके लिए केंद्र सरकार की आलोचना की थी। लेकिन अन्य दलों के विरोध की आवाजें नहीं सुनी गईं। इस नए नामकरण से यह तय है कि पीएम नरेंद्र मोदी सत्ता में रहें या नहीं, उनके कार्यकाल में बनी ये इमारतें दिल्ली की यादों में जरूर रहेंगी।

राजपथ का नाम बदलने की कहानी

ब्रिटिश शासन के दौरान राजपथ को किंग्सवे कहा जाता था। 1911 में किंग जॉर्ज पंचम दिल्ली दरबार में शामिल होने के लिए यहां आए थे। इस दौरान दिल्ली को कोलकाता की जगह भारत की राजधानी (ब्रिटिश शासन) बनाने की घोषणा की गई। इसलिए अंग्रेजों ने किंग जॉर्ज पंचम के सम्मान में इस जगह का नाम किंग्सवे रखा था।

किंग्सवे के रूप में यह ब्रिटिश साम्राज्य की शाही पहचान का प्रतीक था। आजादी के बाद 1955 में इसका नाम बदलकर राजपथ कर दिया गया। 2022 में इसका नाम फिर से बदलकर अब कर्तव्य पथ कर दिया गया है।

Kartavya Path को बहुत सुन्दर बनाया गया है

Kartvya
Kartavya Path

आम जनता अब कर्तव्य पथ की सुंदरता देख सकती है। कर्तव्य पथ को बहुत ही शानदार तरीके से बनाया गया है। यहां आने वाले लोगों के लिए कई सुविधाएं दी गई हैं। जैसे सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में अब लोगों को कार पार्क करने में कोई दिक्कत नहीं होगी. यहां पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था है।

फिलहाल पार्किंग फ्री है, लेकिन बाद में एनडीएमसी इसे चार्ज कर सकती है। करीब 3 किमी के इस मार्ग के दोनों ओर लोगों को हरे-भरे पेड़ और रंग-बिरंगे फूल देखने को मिलेंगे जो लोगों का मन मोह लेंगे. यहां के शानदार झरने यहां की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं।

रात के समय लोगों को यहां घूमने का एक अलग ही मजा आएगा। जगमगाती रोशनी में कर्तव्य पथ का नजारा और भी खूबसूरत लगेगा। यहां नई सुविधाओं के साथ ब्लॉक और सेल्स स्टॉल भी लगाए गए हैं।

यहां पर आप हर राज्य के फूड स्टॉल का लुत्फ उठा सकेंगे

जहां कर्तव्य पथ अपनी भव्यता से लोगों को आकर्षित करने के लिए तैयार है, वहीं यहां आने वाले लोगों को भी यहां के हर राज्य के जायके का स्वाद चखने को मिलेगा। बता दें कि यहां कई राज्यों के फूड स्टॉल लगाने की कवायद शुरू हो गई है।

इन फूड स्टॉल के लजीज व्यंजन पर्यटकों के मुंह में पानी लाने के लिए काफी हैं। ऐसे में आप यहां घूमने के साथ-साथ अपने पसंदीदा या अन्य राज्यों के व्यंजनों का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

डीएमआरसी चलाएगी बस सेवा

कर्तव्य पथ देखने आने वाले लोगों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। जो लोग यहां जाना चाहते हैं, उनके लिए दिल्ली मेट्रो द्वारा बस सेवा प्रदान की जाएगी। डीएमआरसी यहां 4 जगहों से आने वाले लोगों को मेट्रो बस सेवा मुहैया कराएगी। इनमें भैरों रोड, राज घाट, कनॉट प्लेस (पालिका पार्किंग के पास) और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम शामिल हैं।

ये नई इलेक्ट्रिक बसें लोगों को नेशनल स्टेडियम सी हेक्सागोन के गेट नंबर 1 पर उतारेंगी, जहां से इंडिया गेट/सेंट्रल विस्टा तक पैदल पहुंचा जा सकता है। इसके साथ ही यह सुविधा शुरुआत में एक सप्ताह के लिए उपलब्ध होगी और इन रूटों पर कुल 12 बसों का संचालन किया जाएगा। ये सब बसें शाम 5 बजे से आगंतुकों के लिए उपलब्ध होंगी और अंतिम पिकअप रात 9 बजे होगी।

Kartavya Path कि खासियत

  • कर्तव्य पथ पर दिखेगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची प्रतिमा।
  • कर्तव्य पथ के दोनों ओर लाल ग्रेनाइट का 15.5 किमी लंबा पैदल मार्ग बनाया गया है।
  • 19 एकड़ नहर क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए 16 पुल बनाए गए हैं।
  • फूड स्टॉल की व्यवस्था
  • कर्तव्य पथ के दोनों ओर बैठने के लिए बेंचों का प्रावधान है।
  • कर्तव्य पथ का हरित क्षेत्र करीब 3.90 लाख वर्ग मीटर में फैला हुआ है।
  • पैदल चलने वालों के लिए कई नए अंडरपास बनाए गए हैं
  • आधुनिक लाइट्स व्यवस्था।
  • हर हिस्से पर आधुनिक तकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
  • पार्किंग व्यवस्था

निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है कि दोस्तों “Kartavya Path हिंदी में” से जुड़ी हमारी पोस्ट आपको पसंद आई होगी। इस पोस्ट में हमने कर्तव्य पथ से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया है। उम्मीद है आपको पूरी जानकारी मिल गई होगी।

अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट के जरिए बता सकते हैं हम जल्द ही आपसे संपर्क करेंगे। अपना कीमती समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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