Naag Panchami 2022

Naag Panchami

Naag Panchami 2022 – आप सभी लोग इस बात को जानते होंगे कि हमारे भारत में कई तरह के त्योहार मनाए जाते हैं और हर त्यौहार की अलग रीति रिवाज होती है और हर त्यौहार अलग अलग तरीके से मनाया जाता है। हिंदू की महत्वपूर्ण त्यौहार में से एक त्यौहार Naag Panchami भी है। पूरे भारत में नाग पंचमी को हिंदू बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं और इस दिन को शिव जी के मूर्ति पर दूध अर्पित करते हैं।

नाग पंचमी का त्यौहार बहुत ही पवित्र त्यौहार होता है और यह त्यौहार सावन मास में मनाया जाता है। अगर आप इस त्यौहार के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि नाग पंचमी का त्यौहार कब क्यों और किस लिए मनाया जाता है तो आप इस वक्त बिल्कुल सही जगह पर है क्योंकि आज किस आर्टिकल के माध्यम से आपको नाग पंचमी के बारे में पूरी जानकारी बताने वाले हैं। 

अगर आप Naag Panchami त्योहार के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ते रहिए आपको सारी जानकारी अच्छे से प्राप्त हो जाएगी।

image 10
Naag Panchami

Naag Panchami क्यों मनाया जाता है 

Naag Panchami :- आप सभी इस बात को जानते होंगे कि हिंदू धर्म में कई तरह के पर्व मनाए जाते हैं और सभी पर्व का अलग-अलग महत्व है सभी पर्व और त्यौहार अलग-अलग कारण से मनाए जाते हैं और सभी अलग-अलग तरीके से मनाय जाते हैं। आपके दिमाग में यह सवाल उठ रहा होगा कि Naag Panchami के दिन हम सभी भगवान शिव की मूर्ति पर जल अर्पित क्यों करते हैं या फिर आपके दिमाग में यह भी प्रश्न उठ सकता है कि नाग पंचमी क्यों मनाया जाता है।

क्योंकि अगर नाग पंचमी के बारे में बात किया जाए तो नाग पंचमी एक त्यौहार है जो सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है और यह त्यौहार हिंदू धर्म के लोग ही मनाते हैं। अब इसके पीछे क्या कारण है क्यों इस त्यौहार को सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही मनाया जाता है इस बारे में आइए हम नीचे वाले पैराग्राफ में जानते हैं कि आखिर इस त्यौहार को मनाने के क्या कारण है। 

हमने आपको पहले भी यह जानकारी दी है कि हिंदू धर्म के अनुसार नाग पंचमी को सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन नाग की पूजा की जाती है। ऐसा मान्यता है कि अगर इस दिन कोई व्यक्ति नाग की पूजा करता है तो उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इसीलिए हिंदू धर्म के लोग नाग पंचमी के दिन नाग की पूजा करते हैं। हिंदू धर्म के लोगों द्वारा यह भी कहा जाता है कि अगर नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा की जाए तो राहु केतु का खतरा भी हट जाता है और सारे ग्रह भी मिट जाते हैं। इसके साथ-साथ लोग यह भी मानते हैं कि Naag Panchami के दिन नाग की पूजा करने के साथ-साथ भगवान शिव की भी पूजा की जाती है और भगवान शिव की मूर्ति के ऊपर दूध को अर्पित करना और भी पुण्य का काम होता है।

जैसा कि आप सभी जानते होंगे कि भगवान शिव और नाग का गहरा संबंध रहता है जिसके चलते भगवान शिव अपनी गर्दन में वासुकी नाग को लपेटे रहते हैं। इसलिए अगर आप नाग के साथ साथ शिव की पूजा करेंगे तो आपको पुण्य मिलेगा और अगर आप भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो नाक की पूजा करके प्रसन्न कर सकते हैं। 

Naag Panchami मनाने के पीछे का रहस्य क्या है 

हमने आपको ऊपर वाले पैराग्राफ के माध्यम से बताया कि नाग पंचमी कैसा त्योहार है और क्यों मनाया जाता है। हमें आपके ऊपर वाले पैराग्राफ के माध्यम से यह भी बताने का प्रयास किया कि नाग पंचमी के दिन पूजा करने से क्या-क्या फायदे होते हैं और क्यों नाग पंचमी के दिन नाग की पूजा करनी चाहिए।

अब आपके दिमाग में यह सवाल उठा होगा कि आखिर नाग पंचमी मनाने के पीछे रहस्य क्या होगा कौन पहली बार नाग पंचमी को नागों की पूजा की होगी। हम इस बारे में भी जानने का प्रयास करते हैं और नीचे वाले पैराग्राफ के माध्यम से जानते हैं कि कौन सबसे पहले नाग पंचमी को नागों की पूजा किए थे और यह प्रथा कब से चलती आ रही है और क्यों नाग पंचमी की पूजा सावन मास की पंचमी तिथि को ही की जाती है। 

सूत्रों के मुताबिक हमें इस बात की जानकारी हुई है कि पहले जब राजा परीक्षित को सांप के काटने की वजह से मृत्यु हो गई थी तो उनके पुत्र अपने पिता की बदला लेने के लिए नागों की समस्त प्रजातियों का विनाश करने का फैसला लिया। जब वह नागों की विनाश करने का फैसला लिया तो उन्हें एक नाग यज्ञ करना पड़ा जिसके बाद ही वह नागों की समस्त प्रजाति का विनाश कर सकते थे। नागो की समाप्ति के लिए वह यज्ञ करना शुरू कर दीए लेकिन इनको आस्तिक मुनि ने बीच में ही रोक दिया। जिसके वजह से नागो की प्रजाति को एक नया जीवन मिला।

ऐसा माना जाता है कि जिस दिन आस्तिक मुनि ने इस यज्ञ को रोका था उस दिन सावन मास थी और शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि थी इसलिए शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही नाग पंचमी मनाई जाती है। जब उन्होंने इस यज्ञ को रोका था तो अग्नि से नाग देवता आए और उन्होंने कहा कि आज के बाद जो इस दिन को हमारी पूजा करेगा उसे कभी भी सांप के काटने की वजह से मृत्यु का भय नहीं रहेगा। 

इसलिए उस दिन के बाद से लोग नाग पंचमी को हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाते हैं और सावन मास के नाग पंचमी के दिन नाग की पूजा करते हैं ताकि कभी भविष्य में सांप काटता है तो उस वजह से उनकी मृत्यु न हो।

Also Read – Eassy on 15th August

निष्कर्ष 

आज हमने आपको शादी कर के माध्यम से बताया कि Naag Panchami क्यों मनाई जाती है और नाग पंचमी के मनाने के पीछे का रहस्य क्या है। तो अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया और इसमें दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ साथ अपने मित्रों के पास शेयर जरूर करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *