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SBI ka Full Form In Hindi

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि एसबीआई की फुल फॉर्म क्या होता है? और एसबीआई बैंक से संबंधित बहुत महत्वपूर्ण पहलुओं पर हम बात करने वाले हैं कि SBI Ka Full Form Kya Hai? SBI का Full Form क्या है, SBI क्या है? SBI Bank क्या होता है? SBI Bank की स्थापना कब हुआ था? SBI Bank की Services क्या है? 

दोस्तों अगर आप इन सभी सवालों का जवाब जानना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपको एसबीआई बैंक से संबंधित लगभग सभी प्रकार की जानकारी देने की पूरी कोशिश करेंगे तो दोस्तों आपसे हम अनुरोध करना चाहते हैं कि आप इस आर्टिकल में अंत तक बने रहे जिससे आप एसबीआई बैंक से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारियों को जान पाएंगे। 

SBI की Full Form 

एसबीआई का फुल फॉर्म “State Bank of India” होता हैं। SBI एक भारतीय बैंक है जिसको केंद्र सरकार के द्वारा संचालित किया जाता है। इस बैंक को हिंदी भाषा में भारतीय राजकीय बैंक भी कहा जाता है। 

एसबीआई भारत का सबसे बड़ी बैंक है जिसकी पूरे भारत में 25000 से भी अधिक शाखाएं हैं और इस बैंक के 60000 से भी अधिक मौजूदा एटीएम केंद्र भी है और इतना ही नहीं बल्कि एसबीआई बैंक की 30 से भी अधिक देशों में लगभग 200 सहयोगी कार्यालय भी है। 

S — State 

B — Bank of 

I — India 

SBI Ka Full Form in Hindi 

अब तो आप जान ही गए होंगे कि एसबीआई का फुल फॉर्म— “State Bank of India” होता हैं। एसबीआई को हिंदी में ‘भारतीय स्टेट बैंक‘ के नाम से जाना जाता है। 

एसबीआई क्या है? (What is SBI) — 

भारतीय स्टेट बैंक भारत का एक राजकीय बैंक है जिसे केंद्र सरकार के द्वारा संचालित कराया जाता है। यह भारत की सबसे विश्वसनीय और सबसे सुरक्षित तथा सबसे अधिक लोकप्रिय बैंक है। इस बैंक की अगर प्रसिद्धि कि हम बात करें तो भारत में सबसे अधिक लोग एसबीआई बैंक के ग्राहक है और हमारे देश में अधिकतर लोगों का एसबीआई बैंक में ही खाता खुलवाए गए हैं। 

बैंक ऑफ कोलकाता, बैंक ऑफ़ बंगाल और बैंक ऑफ़ मद्रास के विलय हो जाने के बाद 1 जुलाई 1955 में भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना किया गया और अब तक पूरे भारत देश में एसबीआई बैंक की 25000 से भी अधिक प्रमुख शाखाएं हैं और इस बैंक में 200000 से भी अधिक कर्मचारी काम करते हैं। 

भारतीय स्टेट बैंक भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक बैंक है जिसे हम बैंक ऑफ इंडिया के नाम से भी जानते हैं। एसबीआई बैंक को पहले बैंक ऑफ कोलकाता के नाम से जाना जाता था लेकिन 1806 में इस बैंक के नाम में संशोधन करके बैंक ऑफ़ बंगाल रखा गया और कुछ सालों बाद इसी तरह से इस बैंक का नाम बैंक ऑफ मद्रास और बैंक ऑफ मुंबई रखा गया लेकिन 27 जनवरी 1921 में तीनों बैंकों को यानी कि बैंक ऑफ कोलकाता, बैंक का बंगाल को और बैंक ऑफ़ मद्रास को हटाकर इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया बनाया गया जो कि ब्रिटिश गवर्नमेंट के द्वारा संचालित किया जाता था।

स्वतंत्र भारत में आरबीआई के गठन के पश्चात इंपीरियल बैंक को हटाकर 1 जुलाई 1955 में एसबीआई बैंक की स्थापना की गई। 

एसबीआई बैंक से प्राप्त होने वाली सर्विसेज :- Services available from SBI Bank 

State Bank of India एक सरकारी बैंक है जिसके वजह से इस बैंक में हमें बहुत सारी सुविधाएं देखने को मिल जाती है। आइए अब जान लेते हैं कि इस बैंक से हमें कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती है — 

  • Investment Banking
  • Private banking
  • Private equity
  • Corporate banking
  • Consumer banking
  • Finance and insurance
  • Savings
  • Credit cards
  • Wealth management
  • Securities asset management etc.

SBI Bank के संक्षिप्त विवरण — 

मुख्यालयकोर्पोरेट सेंटर, मुंबई, भारत
प्रकारसार्वजनिक व्यापार करती है (BSE, NSE:SBI) & (एलएसई: SBID) 
उद्योगबैंकिंग
बीमापूंजी बाजार और संबद्ध उद्योग
स्थापनाभारत कलकत्ता, १८०६ (बैंक ऑफ़ कैलकटा के रूप मे)
अध्यक्ष (चेयरमैन)दिनेश कुमार खारा
उत्पादऋण, क्रेडिट कार्ड, बचत, निवेश के साधन, एस बी आई लाइफ (बीमा) आदि 
राजस्ववृद्धि ₹2,10,979 करोड़ (2017)
निवल आयवृद्धि ₹10,484 करोड़ (2017)
कुल संपत्ति₹34,45,121 करोड़ (2017)
स्थापना1 जुलाई 1955
वेबसाइटbank.sbi 

History of SBI – जानिए देश के सबसे पुराने बैंक एसबीआई का इतिहास

आप बैंकिंग तो करते ही होंगे जाहिर तौर पर आज इससे अछूता कोई भी नहीं है इसका एक कारण भारत में बहुतायत में बैंक होना भी है आज यहां लगभग 190 से अधिक बैंक कार्यरत है जिसमें 46 बैंक विदेशी है इन सब के बावजूद क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे बड़ा बैंक कौन सा है?

आप अपने जीवन में कभी ना कभी इस बैंक में जरूर गए होंगे और अगर आप ग्रामीण परिवेश से हैं तो यह भी संभव है कि आपने अपने नजदीक में इस बैंक को देखा हो.. 

आइए जानते हैं भारत के सबसे बड़े बैंक की कहानी.. ब्रिटिश भारत में एक समय ऐसा भी आया जब ईस्ट इंडिया कंपनी की माली हालत बहुत खराब हो रही थी। 

मराठा और मैसूर संतलत से लड़ाई में लगभग कंगाली की अवस्था में आ गई। अब आगे युद्ध लड़ने और अन्य जरूरतों के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी ब्रिटिश भारत में एक समय तक कोलकाता सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र हुआ करता था वही यूरोप के व्यापारी भारत से माल की सप्लाई लंदन किया करते थे और भारतीय लोगों को धंधों के लिए पूंजी की जरूरत थी

ऐसे में ईस्ट इंडिया कंपनी ने यूरोप के व्यापारियों और भारत के कुछ अमीर लोगों की जरूरतों का ख्याल रखते हुए 2 जून 1806 ईस्वी को बैंक ऑफ कोलकाता की स्थापना की गई। यह ब्रिटिश भारत का बंगाल सरकार के साथ पहला संयुक्त बैंक था।

अपनी स्थापना के 3 साल बाद ही बैंक ऑफ़ कोलकाता का नाम बदलकर बैंक ऑफ़ बंगाल कर दिया गया। इस प्रकार से भारत में आधुनिक बैंक की शुरुआत बैंक ऑफ़ कोलकाता के साथ शुरू मानी जाती है। 

इसी तरह मुंबई प्रेसिडेंसी में व्यापारिक गतिविधियों में जान फूंकने के लिए 15 अप्रैल 1840 को बैंक ऑफ मुंबई की स्थापना की गई तो मद्रास प्रेसिडेंसी के लिए 1 जुलाई 1846 को बैंक ऑफ़ मद्रास खोला गया। यह तीनों बैंक रॉयल चार्टर द्वारा संचालित है और तीनों को अपने अधिकार क्षेत्र में नोट जारी करने का अधिकार था

अलग ब्रिटिश सरकार ने 1861 में पेपर करेंसी एक्ट पास करके इन बैंकों से नोट जारी करने का अधिकार छीन लिए और 1862 में इससे संबंधित सारे अधिकार तत्कालीन भारत सरकार को सौंप दिए गए बैंक ऑफ़ कोलकाता का कार्यक्षेत्र वर्मा, संयुक्त प्रांत, मध्य प्रांत, पंजाब, दिल्ली, हैदराबाद और आधुनिक बंगाल के साथ उड़ीसा, बिहार और वर्तमान पाकिस्तान तथा ब्रिटिश भारत की ज्यादातर आबादी क्षेत्र में निवास करती थी। 

बैंक ऑफ़ मुंबई का कार्यक्षेत्र मुंबई प्रेसिडेंसी के साथ सिंद, इंदौर और पैरार तथा बैंक ऑफ़ मद्रास का कार्य क्षेत्र मैसूर मद्रास प्रेसिडेंसी तक सीमित था। इनके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में ज्यादातर भारतीय और यूरोप के लोग निदेशक थे‌ बाकी सरकार द्वारा नामित थी।

यह बैंक मात्र ₹100000 तक का लोन दे सकते थी। सन 1800 तक इन बैंकों ने अपनी प्रेसिडेंसी में कई शाखाएं खोली इस समय तक बैंक ऑफ़ बंगाल की बंगाल प्रेसिडेंसी में अट्ठारह तो वहीं बैंक ऑफ़ मद्रास और बैंक ऑफ़ मुंबई की 15 -15 शाखाएं थीं। 

27 जनवरी 1921 को बैंक ऑफ़ मद्रास, बैंक ऑफ़ मुंबई और बैंक ऑफ़ बंगाल की सभी 70 ब्रांच का एक साथ विलय कर दिया गया और इसका नाम रखा गया इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया। इंपीरियल बैंक की एक शाखा लंदन में भी थी जिससे बंगाल मद्रास और मुंबई बैंक के पुराने और नए ग्राहक पैसा जमा करा सकते थे।

बैंक का ज्यादातर स्टॉप भारतीय थे वहीं इस के प्रबंधक यूरोपियन थे। इंपिरियल बैंक में हुए तीनों बैंकों के पुराने शेयर होल्डर्स की स्थिति यथावत रही।

ब्रिटिश सरकार को पहले 3 साल तक बैंक के लाभ में कोई भी हिस्सा नहीं दिया गया इंपिरियल बैंक ने सरकार के व्यापारिक और एक केंद्रीय बैंक के तौर पर कार्य किया। सन 1935 में भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना के बाद केंद्रीय बैंक के सारे कार्य रिजर्व बैंक को हस्तांतरित कर दिए गए और इंपीरियल बैंक केवल व्यापारिक कार्य तक ही सीमित रह गया। 

भारत की स्वतंत्रता तक इंपिरियल बैंक की 172 ब्रांच और 200 सब ब्रांच में 275 करोड ₹1400000 जमा थी। इंपीरियल बैंक के अलावा भी भारत में यूरोपीय और देसी बैंक का अपना कारोबार बना रहे थे ऐसे में भारत का एक बड़ा वर्ग बैंकिंग से वंचित था।

भारत की पहली पंचवर्षीय योजना के द्वारा इस ओर ध्यान दिलवाया गया कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के लिए ऋण की व्यवस्था नहीं है इस प्रकार ग्रामीण बैंक की जरूरत महसूस की गई। परिणाम स्वरूप भारत की संसद में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एक्ट पारित किया गया। 1 जुलाई 1955 को इस अधिनियम के द्वारा इंपीरियल बैंक को भारतीय स्टेट बैंक ने अधिग्रहित कर लिया। 

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोगी बैंक — 

  • स्टेट बैंक ऑफ़ बीकानेर एंड जयपुर
  • स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद
  • स्टेट बैंक ऑफ़ मैसूर
  • स्टेट बैंक ऑफ़ पटियाला
  • स्टेट बैंक ऑफ़ त्रावणकोर
  • स्टेट बैंक ऑफ इंदौर
  • स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट 

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की स्थापना — Establishment of State Bank of India 

  • एसबीआई बैंक का नाम पहले इंपीरियल बैंक था जिसका नाम में परिवर्तन करके 1 जुलाई 1955 को भारतीय स्टेट बैंक रखा गया और साल 1955 के बाद से अब तक 1 जुलाई को एसबीआई बैंक की स्थापना दिवस मनाया जाता है। 
  • 1955 में ही एसबीआई का गठन किया गया था और उसी समय स्टेट बैंक आफ इंडिया सब्सिडी एक्ट भी लागू किया गया। 
  • एसबीआई बैंक के गठन के बाद सबसे पहले स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद एक सहयोगी बैंक के रूप में आया उसके बाद इस बैंक में सहयोगी बैंकों की संख्या लगातार बढ़ने लगी। 
  • अगर एसबीआई बैंक की सहयोगी बैंकों की बात करें तो आज के समय में इसके सहयोगी बैंक हैं – बैंक ऑफ बीकानेर, स्टेट बैंक ऑफ इंदौर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ़ सौराष्ट्र और भारतीय महिला बैंक। 

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बारे में कुछ खास बातें: Some special things about State Bank of India In Hindi 

  • SBI Bank का मुख्यालय महाराष्ट्र में है और इस बैंक के चेयरमैन का नाम दिनेश कुमार खारा है। 
  • एसबीआई के गठन के बाद इस बैंक में बहुत कम ब्रांचेस थे लेकिन आज के समय में एसबीआई बैंक की 22141 ब्रांचेस है। 
  • एसबीआई बैंक के LOGO की Designing गुजरात की सबसे बड़ी कंकरिया झील से प्रेरित होकर बनाया गया है जिसे नेशनल इंस्टीट्यूट आफ डिजाइन के द्वारा निर्माण किया गया। 
  • मौजूदा समय में एसबीआई बैंक सबसे तेजी से बढ़ने वाली बैंकों में से सबसे शीर्ष स्थान पर है। 
  • भारतीय शेयर मार्केट में भी एसबीआई बैंक की शेयर शामिल है जिसकी मार्केट वैल्यू लगातार बढ़ते ही जा रही है। 

Interesting Facts about State Bank of India – SBI in Hindi | स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (एसबीआई) के बारे में रोचक जानकारियाँ 

  • स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (State Bank of India – एसबीआई बैंक ) भारत का सबसे बड़ी और सबसे पुरानी बैंक हैं। 
  • वर्तमान समय में एसबीआई बैंक का मुख्यालय महाराष्ट्र में है। 
  • एसबीआई बैंक में 3 लाख से भी अधिक कर्मचारी काम करते हैं। 
  • एसबीआई बैंक के 36 देशों में 190 अंतर्राष्ट्रीय कार्यालय है। 
  • एसबीआई बैंक में पहली महिला अध्यक्ष का नाम अरुंधती भट्टाचार्य है। 
  • साल 1959 में एसबीआई बैंक के आठ सहयोगी बैंक थे — स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर, स्टेट बैंक ऑफ जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ इंदौर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र, स्टेट बैंक ऑफ पटिअला और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर 
  • एसबीआई बैंक से स्टेट बैंक आफ सौराष्ट्र वर्ष 2008 में विलय हो गया। 
  • एसबीआई एक ऐसा बैंक है जिसकी शाखाएं चीन में भी है। 
  • वर्तमान समय में एसबीआई बैंक में 420 मिलियन से भी अधिक ग्राहक है और इस बैंक में 24000 से भी अधिक शाखाएं हैं तथा 59800 एटीएम केंद्र भी है।  
  • इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया को वर्ष 1955 में भारतीय रिज़र्व बैंक के द्वारा अधिग्रहण किया गया। 
  • RBI के द्वारा 30 अप्रैल 1955 को इंपीरियल बैंक आफ इंडिया का नाम बदलकर भारतीय स्टेट बैंक रखा गया। 

FAQs. 

1- एसबीआई की फुल फॉर्म क्या है? 

उत्तर– एसबीआई की फुल फॉर्म — स्टेट बैंक ऑफ इंडिया है।(SBI- State Bank of India) 

2- एसबीआई बैंक के अध्यक्ष कौन हैं? (Chairman Of SBI)

उत्तर– एसबीआई बैंक के अध्यक्ष दिनेश कुमार खारा जी हैं। 

3- एसबीआई बैंक का मुख्यालय कहां पर स्थित है? 

उत्तर– एसबीआई बैंक का हेड क्वार्टर या मुख्यालय मुंबई में स्थित है। 

4- एसबीआई बैंक की स्थापना कब हुई थी? 

उत्तर– एसबीआई बैंक की स्थापना 1 जुलाई 1955 को हुई थी। 

5- एसबीआई बैंक का पुराना नाम क्या हैं?

उत्तर– एसबीआई का पुराना नाम ‘Imperial Bank of India‘ था।  

6- बैंक की फुल फॉर्म क्या होता हैं?

उत्तर– बैंक की फुल फॉर्म — Borrowing Accepting Negotiating Keeping होता हैं।  

Also Read – RBI ka full form क्या है और इसका काम क्या है

निष्कर्ष – Conclusion 

इस आर्टिकल में हमने एसबीआई बैंक से संबंधित बहुत सारी सूचनात्मक पहलुओं पर बात किया है जिसमें आपने जाना कि SBI ka Full Form क्या होता है? एसबीआई का प्राचीन इतिहास क्या है?

एसबीआई के अध्यक्ष कौन है? SBI Bank की Services क्या है? एसबीआई बैंक का मुख्यालय कहां पर स्थित है? तथा इसमें एसबीआई बैंक के रोचक तथ्यों के बारे में बात किया है। 

मुझे आशा है दोस्तों की यह आर्टिकल आपको बहुत पसंद आया होगा और यदि आपको हमारी जानकारी पसंद आती है तो इसे जरूर अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और इस आर्टिकल से संबंधित अगर आप किसी भी प्रकार का प्रश्न पूछना चाहते हैं तो आप कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं और अंत में आपसे यही कहना चाहूंगा दोस्तों कि इस तरह की जरूरी सूचनात्मक ज्ञान जानने के लिए आप हमारा ब्लॉग जरूर विजिट करते रहे.

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