uranus planet in hindi

Uranus Planet in Hindi

आज के इस लेख में हम आपको यूरेनस ग्रह (Uranus Planet in Hindi) के बारे में पूरी जानकारी देंगे। आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि यूरेनस क्या है। इसकी आंतरिक संरचना क्या है? और इसके बारे में कुछ रोचक तथ्य और कुछ दंत कहानियां जो यूरेनस ग्रह से जुड़ी हुई है।

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यूरेनस ग्रह क्या है?

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Uranus Planet in Hindi

दोस्तों यूरेनस हमारे सौरमंडल के नौ ग्रहों में से एक ग्रह है और यह सूर्य से दूर सातवां ग्रह है। यह सूर्य से बहुत दूर यानी 2.88 बिलियन किलोमीटर दूर है लेकिन फिर भी यह सूर्य के बहुत करीब है यानी नेप्च्यून की तुलना में दोगुना करीब है। लेकिन फिर भी यह वरुण ग्रह के बहुत करीब है।

वरुण ग्रह को नीले ग्रह या ठंडे ग्रह के नाम में जाना जाता है, क्योंकि यह हमारे सौर मंडल के सभी ग्रहों में सबसे ठंडा है। यम ग्रह को सबसे ठंडा ग्रह माना जाता था लेकिन वैज्ञानिकों ने यम ग्रह को ग्रहों की श्रेणी से हटा दिया है। जिसके बाद अब यूरेनस ग्रह सबसे ठंडा ग्रह है। जहां सतह का तापमान सामान्य रूप से माइनस -201 डिग्री सेंटीग्रेड से -218 डिग्री सेंटीग्रेड तक होता है।

यूरेनस का हिंदी में अर्थ / Uranus meaning in hindi

यूरेनस ग्रह को हिन्दी में हम अरुण ग्रह के नाम से जानते हैं। यह नाम हिंदू देवता अरुण से लिया गया है जो पानी के देवता हैं।

यूरेनस ग्रह का इतिहास – Arungrah History in Hindi

यूरेनस ग्रह का नाम ग्रीक देवता के नाम पर रखा गया है। ऐसा माना जाता है कि यूरेनस शनि के पिता थे। यूरेनस ग्रह की खोज 1781 ई. में विलियम हर्शल (William Herschel) ने की थी। अभी तक केवल एक अंतरिक्ष यान यूरेनस ग्रह पर गया है। नासा का वायेजर 2 जनवरी 1986 को यूरेनस पहुंचा। यूरेनस की सतह से 81,000 किलोमीटर ऊपर यह परिक्रमा लगाने लगा।

इसने इस ग्रह के 11 छोटे चंद्रमाओं की खोज की। इसके अलावा छल्लों (Ring) और उपग्रहों की कई तस्वीरें भेजीं थी। आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि यूरेनस के उपग्रहों के नाम शेक्सपियर और अलैंग्जैंड़र पोप (Shakespeare and Alexander Pope) की रचनाओं के पात्रों के नाम पर रखे गए हैं।

यूरेनस ग्रह के रोचक तथ्य

  • अंटार्कटिका महाद्वीप की खोज से पहले यूरेनस की खोज की गई थी।
  • 1789 में, यूरेनियम के खोजकर्ता मार्टिन हेनरिक क्लाप्रोथ ने पदार्थ यूरेनियम का नाम यूरेनस ग्रह के नाम पर रखा था।
  • यूरेनस सौरमंडल का सबसे ठंडा ग्रह है।
  • यूरेनस टेलीस्कोप के माध्यम से खोजा जाने वाला पहला ग्रह है।
  • यूरेनस सौर मंडल में शनि के बाद दूसरा सबसे कम द्रव्यमान वाला ग्रह है।
  • यूरेनस को लेटा हुआ ग्रह भी कहा जाता है, क्योंकि यह अपने अक्ष पर 97.77 डिग्री झुका हुआ है।
  • बर्फ की अधिकता के कारण अरुण को ‘आइस डेमन’ या ‘बर्फ़ दानव’ भी कहा जाता है।
  • अरुण का घनत्व इतना कम है कि अगर इसे पानी में डाला जाए तो यह तैरती हुई गेंद की तरह दिखाई देगा।
  • यूरेनस में 63 पृथ्वियां समा सकती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसका आयतन पृथ्वी से 63 गुना अधिक है।
  • यूरेनियम का नाम अरुण/यूरेनस ग्रह के नाम पर रखा गया था। यूरेनियम की खोज जर्मन रसायनज्ञ मार्टिन क्लाप्रोथ ने की थी।
  • यदि आप यूरेनस पर उतरते हैं, तो आपको सड़े हुए अंडे जैसी गंध का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि इसका ऊपरी वातावरण हाइड्रोजन सल्फाइड की अधिकता से बना है, जो सड़ी हुई गंध के लिए जिम्मेदार अणु है।
  • अन्य गैसीय ग्रहों की तरह यूरेनस के भी वलय हैं। अब तक 13 ज्ञात वलयों खोजे जा चुके हैं। इसके वलय शनि के जितने चमकीले नहीं हैं, लेकिन धुंधले हैं। यूरेनस के वलय शनि के बाद सबसे पहले देखे गए, जिससे पता चला कि सभी गैसीय ग्रहों में वलय होते हैं। इसमें शनि का एकाधिकार नहीं है।

यूरेनस को इसका नाम कैसे मिला?

हाइपरक्रोनियस, मिनर्वा और हर्शल सहित यूरेनस की खोज के बाद कई नाम सुझाए गए हैं। विलियम हर्शल ने इंग्लैंड के किंग जॉर्ज III के बाद यूरेनस ग्रह के लिए ‘जॉर्जियाई सिडस’ नाम सुझाया, लेकिन यह नाम इंग्लैंड के बाहर इतना लोकप्रिय नहीं था। आखिरकार, खगोलशास्त्री जोहान बोडे (जिन्होंने यूरेनस ग्रह की कक्षा की व्याख्या की) की सलाह के आधार पर, ग्रह का नाम प्राचीन यूनानी देवता ऑरेनस के नाम पर रखा गया, जो आकाश के देवता थे। यह पहला ग्रह है, जिसका नाम किसी रोमन देवता के नाम पर नहीं, बल्कि एक ग्रीक देवता के नाम पर रखा गया था।

यूरेनस की कक्षा और परिक्रमण

यूरेनस की कक्षा गोल न होकर अंडाकार है।

इस अण्डाकार कक्षा में सूर्य का एक चक्कर पूरा करने में यूरेनस को 84 वर्ष लगते हैं। यानी यहां का एक साल 84 साल के बराबर होता है।

यह मजेदार बात है कि यूरेनस ग्रह की खोज के समय से लेकर 2033 तक यह सूर्य का सिर्फ 3 चक्कर पूरा करेगा।

लेकिन यूरेनस ग्रह जितना धीमा अपनी कक्षा में है, उतनी ही तेजी से वह अपनी घूर्णन गति पर है।

जहां पृथ्वी को अपनी धुरी पर एक चक्कर पूरा करने में 24 घंटे लगते हैं, वहीं यूरेनस अपना काम महज 17 घंटे 14 मिनट में पूरा करता है।

इतना ही नहीं, यूरेनस अन्य ग्रहों की तुलना में विपरीत दिशा में घूमता है। इस कारण से, यूरेनस पर सूर्य पश्चिम में उगता है और पूर्व में अस्त होता है।

यूरेनस की संरचना और उसकी बनावट

हमारा सौर मंडल गैस और धूल के एक विशाल बादल से पैदा हुआ था जिसे नेबुला कहा जाता है।

गुरुत्वाकर्षण बल के कारण बादल में रही धूल और गैस जमा होने लगी। जहां सर्वाधिक भाग एकत्रित हुआ उस जगह सूर्य का निर्माण हुआ और शेष भाग से ग्रहों का निर्माण हुआ।

जिन दो ग्रहों में बर्फ की मात्रा अधिक थी वे यूरेनस और नेपच्यून थे।

यूरेनस के गठन के तीन चरण हैं। कोर, मेंटल और वायुमंडल।

यूरेनस का कोर चट्टान और लोहे से बना है।

इसके ऊपर अमोनिया, पानी और मीथेन से बनी बर्फ की चादर है।

इस आवरण में 80% बर्फ होती है। इसी कारण यूरेनस को बर्फ का विशाल ग्रह कहा जाता है।

इस आवरण पर गर्म घना द्रव घूम रहा है।

ऐसा माना जाता है कि यूरेनस के इस आवरण के अंदर बहुत अधिक दबाव और तापमान के कारण वहां के कार्बन अणु हीरे में परिवर्तित हो जाते हैं। जिससे वहां हीरों की बारिश होती है।

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यूरेनस ग्रह से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. यूरेनस को लेटा हुआ ग्रह क्यों कहा जाता है?

यूरेनस अपनी धुरी पर 97.77 डिग्री झुके होने के कारण लेटा हुआ दिखता है। इसलिए इसे ‘लेटा हुआ ग्रह’ कहा जाता है। अक्षीय झुकाव के कारण यूरेनस अपनी धुरी पर घूमते हुए एक ‘लुढ़कती हुई गेंद’ की तरह दिखाई देता है, जबकि अन्य ग्रह ‘घूमते हुए लट्टू’ की तरह दिखाई देते हैं। इसी कारण से यूरेनस को लुढ़कता ग्रह भी कहा जाता है।

Q2. सूर्य के प्रकाश को अरुण ग्रह तक पहुँचने में कितना समय लगता है?

सूर्य का प्रकाश यूरेनस तक पहुँचने में 2 घंटे 40 मिनट का समय लेता है।

Q3. अरुण ग्रह पृथ्वी से कितनी दूर है?

पृथ्वी और अरुण ग्रह के बीच न्यूनतम दूरी 1.6 बिलियन मील (2.6 किलोमीटर) और अधिकतम दूरी 1.98 मील (3.2 किलोमीटर) है।

Q4. सौर मंडल का सबसे ठंडा ग्रह कौन सा है?

यूरेनस सौरमंडल का सबसे ठंडा ग्रह है। यूरेनस पर औसत तापमान -197 डिग्री सेल्सियस है। यहां अब तक का सबसे कम तापमान -224 सेल्सियस (-435 फारेनहाइट) दर्ज किया गया है।

निष्कर्ष

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